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ब्राह्मण समाज पर आपत्तिक जनक टिप्पणी के विरोध पर भीम आर्मी का प्रदर्शन

मुरादाबाद। ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी करने के विरोध में स्वर्ण आर्मी ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन और ज्ञापन देने के दौरान जिलाध्यक्ष दुष्यंत,रोहताश शर्मा, पंडित शैलेन्द्र शर्मा, नवीन कुमार शर्मा,प्रदीप कुमार शर्मा,शिव कुमार शर्मा व अन्य लोग मौजूद रहे।

संतोष वर्मा विवादित बयान और उसकी प्रतिक्रिया

घटना

22 नवंबर 2025 को भोपाल में AJJAKS (अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ) की एक बैठक में, संतोष वर्मा ने आरक्षण (reservation) को लेकर एक बयान दिया — उन्होंने कहा कि आरक्षण जारी रहना चाहिए “जब तक कोई ब्राह्मण अपनी बेटी मेरे बेटे को दान नहीं दे” या “उससे रिश्ता (विवाह) नहीं करें।”

उनका कथित बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस बयान को कई लोगों और समुदायों ने “जात-पात और महिलाओं को वस्तु की तरह दिखाने वाला” बताया और कड़ी आलोचना की।

प्रतिक्रिया: विरोध, निंदा, और कार्रवाई

ब्राह्मण समुदाय, अन्य सामाजिक समूहों, और कई नागरिकों ने संतोष वर्मा के बयान को “सामाजिक सौहार्द तोड़ने वाला” और “संविधान और आरक्षण नीति का अपमान” बताया।

विरोध प्रदर्शन हुए। सोशल मीडिया पर आलोचना और साथ ही कानूनी कार्रवाई की मांग बढ़ गई।

संतोष वर्मा का सफाई, माफी

विवाद के बाद संतोष वर्मा ने माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उनका कहना है कि सिर्फ उनका 27 मिनट का भाषण था, लेकिन सिर्फ 9-सेकंड का एक भाग वायरल हुआ।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी को उनकी बातों से आघात पहुँचा हो — वे माफी चाहते हैं।

राज्य सरकार की कार्रवाई

Madhya Pradesh Government (मध्य प्रदेश सरकार) ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए संतोष वर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें सात दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।

नोटिस में कहा गया है कि उनका बयान सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला है, और यह All India Services (Conduct) Rules, 1968 एवं All India Services (Discipline and Appeal) Rules, 1969 का उल्लंघन प्रतीत होता है।

पूर्व विवाद और पृष्ठभूमि

ये कोई पहला विवाद नहीं है। संतोष वर्मा पहले भी फर्जी दस्तावेज और प्रमोशन मामले में जेल जा चुके हैं — 2021 में, अदालत में उन्होंने जज के हस्ताक्षर की फर्जी कॉपी लगाई थी, आरोपों के बाद जेल हुई थी। यह पुराना मामला अब फिर से चर्चा में आया है।

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Martha Jean

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